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Raj Basha

राजकाज की भाषा को राजभाषा कहा जाता है | भारत के संविधान में धारा 343 के अनुच्छेद  ३ १/४१/२ के अंतर्गत हिन्दी को राजभाषा का दर्जा १४ सितंबर ११४९ को दिया गया था | इसकी लिपि देवनागरी स्वीकार की गई है |  पहले  कहा गया था कि केन्द्रीय सरकार के सभी कार्यालयो में ११६५ तक पूरा काम काज हिन्दी में करना शुरू कर दिया जाएगा किन्तु ऐसा नहीं हो सका | हिन्दी के साथ अंगेजी को भी मान्यता प्रदान कर दी गई है | इस प्रकार राज काज को दुभाषी रूप में करना आवश्यक हो गया है | केन्द्रीय विद्यालय पचमढ़ी को भारत के राजपत्र में अधिसूचित करने के लिए भेजा गया है | यहा के अस्सी प्रतिशत से अधिक कर्मचरियों को हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त | विद्यालय मे तिमाही बैठक होती है। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में प्राचार्य महोदय स्वयं भाग लेते है।